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District wise DSP Contact List

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UP CSC 3.0 District Service Provider’s (DSP) contact list:

Download All District DSP DM List Click here .

What documents are available in all categories of PAN card?/ पैन कार्ड की सभी केटेगरी में कौन कौन से दस्तावेज लगते हैं ?









पैन कार्ड बनवाने के लिए पात्रता

– किसी भी उम्र का व्यक्ति, व्यक्तियों का समूह, ट्रस्ट, LLP, फर्म या संयुक्त उपक्रम पैन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए उम्र की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा तय नहीं है। आवेदन पत्र के साथ जरूरी शुल्क और दो पासपोर्ट साइज के फोटो के अलावा आवास प्रमाण पत्र और पहचान प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ती है।

पैन कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज

– PAN कार्ड बनवाने के लिए दो अलग-अलग तरह के फॉर्म की मदद से आवेदन किया जाता है। इनमें से एक फॉर्म भारतीय नागरिकों के लिए है, वहीं दूसरा अनिवासी भारतीयों के लिए है। भारतीय नागरिक फॉर्म 49A की मदद से पैन कार्ड के लिए आवेदन दे सकते हैं। ये फॉर्म भारतीय नागरिकों, कंपनियों और भारत में पैदा हुए और पले-बढ़े लोगों के लिए है। वहीं फॉर्म 49AA उन लोगों के लिए है जो भारत के निवासी नहीं हैं लेकिन भारत में रहकर कोई बड़ी कंपनी, ट्रस्ट या एसोसिएशन चला रहे हैं। दोनों तरह के फॉर्म इंकम टैक्स विभाग, NSDL और UTIITSL की वेबसाइट से हासिल किए जा सकते हैं।

व्यक्तिगत पहचान पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज

पैन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करते वक्त पहचान प्रमाण पत्र और आवासीय पते का प्रमाण पत्र, दोनों के लिए दस्तावेज जमा कराने होते हैं। व्यक्तिगत पहचान पत्र के लिए नीचे दिए गए दस्तावेजों की लिस्ट में से किसी एक दस्तावेज का इस्तेमाल करते हुए आवेदन दिया जा सकता है।

1- आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट, फोटो लगा राशन कार्ड, हथियार का लायसेंस, आवेदक का फोटोयुक्त पेंशनर कार्ड, केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवा योजना का कार्ड इनमें से किसी एक दस्तावेज की प्रतिलिपि (फोटोकॉपी) पैन कार्ड बनवाने के लिए बतौर पहचान प्रमाण पत्र दी जा सकती है। इसके अलावा केंद्र सरकार, राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र भी पैन कार्ड बनवाने के लिए मान्य हैं। 
– संसद सदस्य या विधानसभा सदस्य या नगर पार्षद या गजेटेड अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए आवेदक के पहचान प्रमाण पत्र की मूल कॉपी भी पहचान प्रमाण पत्र के लिए मान्य है। 
– बैंक लेटरहेड पर आवेदक के अटेस्टेड (अनुप्रमाणित) फोटो और अकाउंट नंबर के साथ जारी करने वाले ब्रांच अधिकारी के नाम और स्टाम्प के साथ मूल प्रमाण पत्र। 

आवासीय पते के प्रमाण पत्र हेतु जरूरी दस्तावेज

– आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट, जीवनसाथी का पासपोर्ट, डाकघर की पासबुक जिसमें आवेदक का पता हो, नवीनतम संपत्ति कर निर्धारण आदेश, सरकार द्वारा जारी मूल निवासी प्रमाण पत्र, केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी आवास आवंटन प्रमाण पत्र (तीन साल से ज्यादा पुराना ना हो), संपत्ति पंजीकरण दस्तावेज, इनमें से किसी एक दस्तावेज की फोटोकॉपी बतौर आवास प्रमाण पत्र इस्तेमाल की जा सकती है।
– इनके अलावा बिजली बिल, लैंडलाइन टेलीफोन या ब्रॉडबैंड कनेक्शन बिल, पानी के कनेक्शन का बिल, LPG गैस कनेक्शन कार्ड या बुक या पाइप गैस बिल की फोटोकॉपी, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट या जमा खाता स्टेटमेंट, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट की फोटोकॉपी, इन सब दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी जो कि तीन महीने से ज्यादा पुरानी ना हो, वो भी आवास प्रमाण पत्र के तौर पर दी जा सकती है।
– ऊपर दिए गए दस्तावेजों के अलावा संसद सदस्य या विधानसभा सदस्य या नगर पार्षद या गजेटेड अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर दिए गए आवेदक के आवास प्रमाण पत्र की मूल कॉपी भी इसके लिए चल जाती है। साथ ही नियोक्ता द्वारा दिए गए आवास प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी भी दी जा सकती है।

नाबालिग होने की स्थिति में जरूरी दस्तावेज

– आवेदक की उम्र 18 वर्ष से कम यानी उसके नाबालिग होने की स्थिति में पहचान या आवास दोनों ही तरह के सबूत के तौर पर उसके माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज लगाए जाते हैं। 
– नाबालिग के HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) का सदस्य होने की स्थिति में परिवार के प्रमुख द्वारा बनवाए गए एक शपथ पत्र, जिसमें नाबालिग और उसके पिता के नाम का उल्लेख के साथ ही आवासीय पते की जानकारी भी हो, इसे पहचान और आवासीय पते के प्रमाण पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।


व्यक्तिगत और HUF से अलग मामलों में जरूरी हैं ये दस्तावेज

कंपनी– रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की ओर से जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कॉपी।

पार्टनरशिप फर्म्स– रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स की ओर से जारी रजिस्ट्रेशन या पार्टनरशिप डीड की कॉपी।

लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP)– सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन की कॉपी जिसे रजिस्ट्रार ऑफ LLP ने जारी किया हो।

पर्सन (ट्रस्ट)– ट्रस्ट डीड की कॉपी या चैरिटी कमिश्नर की ओर से जारी सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन नंबर की कॉपी।

एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स, बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स, लोकल ऑथोरिटी, या आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन– इनमें से कोई एक, एग्रीमेंट की कॉपी, चैरिटी कमिश्नर या रजिस्ट्रार ऑफ कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी या किसी अन्य सक्षम अधिकारी की ओर से जारी रजिस्ट्रेशन नंबर का सर्टिफिकेट, केंद्र या राज्य सरकार के किसी विभाग की ओर से जारी पहचान और आवास के बारे में बताने वाला अन्य कोई दस्तावेज।

उत्तर प्रदेश दाखिल ख़ारिज बैनामा ऑनलाइन फॉर्म भरे / Uttar Pradesh Dakhil Kharij Benama Online Form

हेलो दोस्तों आज मैं आपको बनाने जा रहा हु की उत्तर प्रदेश दाखिल ख़ारिज बैनामा ऑनलाइन फॉर्म भरे उत्तर प्रदेश दाखिल खारिज बैनामा प्रक्रिया के ऑनलाइन होने की प्रतीक्षा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार द्वारा अब दाखिल खारिज प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। प्रक्रिया ऑनलाइन होने की बदौलत अब प्रदेश निवासियों को इसके लिए कंही जा कर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दाखिल खारिज राजस्व विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला किसी भी सम्पत्ति के लिए सबसे अहम दस्तावेज है। अगर आपकी संपत्ति पर आपने यह नहीं कराया तो भविष्य में आपको इसके बहुत से बूरे परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। अगर आपके पास कोई भी संपत्ति है और चाहे उसकी रजिस्ट्री आपके नाम पर क्यों न हो, लेकिन अगर दाखिल बैनामा खारिज में वह आपके नाम पर नहीं है तो सरकार के मुताबिक वह प्रॉपर्टी उसी व्यक्ति की है जिसके नाम से दाखिल खारिज दर्ज है। आज हमारे इस लेख में आपको बताएंगे कि आखिर किस तरह आप ऑनलाइन दाखिल खारिज के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही क्या हो सकता है अगर आपने अपनी संपत्ति का नहीं कराया तो।

उत्तर प्रदेश दाखिल ख़ारिज और बैनामा ऑनलाइन – सम्पूर्ण  जानकारी

म्यूटेशन या दाखिल खारिज

संपत्ति में आपने म्यूटेशन का नाम तो सुना ही होगा, अगर नहीं सुना तो हम आपको बताते हैं। दरअसल म्यूटेशन और दाखिल खारिज दोनो एक ही बात है। म्यूटेशन ऐसी प्रक्रिया को कहा जाता है जिसमे सरकारी राजस्व में संपत्ति पूराने नाम से हटाकर ने मालिक के नाम पर करा दी जाती है। ऐसा भी नहीं है कि यह प्रक्रिया केवल नई संपत्ति खरीदते समय करानी होती है, अगर संपत्ति के मालिक की मृत्यु हो जाती है तो भी यह दाखिल खरिज कराना पड़ता है। इसके लिए संपत्ति के पहले मालिक का मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कराना होता है और खुद को उत्तराधिकारी साबित करना होता है।

दाखिल खारिज बैनामा न कराने का नुकसान

उदाहरण के तौर पर अगर आप के पास कोई संपत्ति है और उसकी रजिस्ट्री आपके नाम पर है, लेकिन सरकारी राजस्व में दर्ज आकड़ों के मुताबिक वह संपत्ति किसी और व्यक्ति की है। अब सरकार द्वारा किसी योजना के तहत आपकी प्रॉपर्टी का अधिग्रहण किया गया हो, और उसके बदले में आपको एक निश्चित धन राशि देने का वादा किया हो। ऐसे में अगर संपंति के पहले मालिक ने इस धन राशि पर क्लेम कर लिया तो सरकार पैसा उसी को देगी जिसके नाम पर म्यूटेशन दर्ज है।

म्यूटेशन दर्ज करन के लिए दस्तावेज

  • जिस जमीन की रजिस्ट्री है उसके कागजात की कॉपी
  • दाखिलखारिज आवेदन कोर्ट फीस स्टांप के साथ करना होता है
  • इन्डेम्निटीबांड
  • शपथपत्र
  • प्रॉपर्टीटैक्स भुगतान की रसीद

उत्तर प्रदेश दाखिल ख़ारिज बैनामा ऑनलाइन फॉर्म

  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा जंहा आपको लॉगइन करने और लॉगिन बनाने के कहा जाएगा। आपको इस लॉगइन बनाने के विक्लप को चुनना होगा
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जंहा एक छोटा सा फॉर्म दिखाई देगा। फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी दर्ज कर अपना अकाउंट बना लें। यंहा बनाया गया यूजर आईडी, मोबाइल नंबर और पासर्वड कंही लिख कर रख लें। इसी से आपको लॉगइन करना होगा।
  • अब आपको साइट पर जा कर लॉगइन के विक्लप को चुनना होगा।
  • लॉगइन करने के बाद आपको दाखिल खारिज फॉर्म पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने फॉर्म खुल जाएगा, फॉर्म में पूछी गई जानकारी दर्ज करें और सब्मिट कर दें।
  • इस तरह म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और राजस्व विभाग के आंकड़ो में भी आपका नाम दर्ज हो जाएगा।

Conclusion:

तो अब आपको उत्तर प्रदेश दाखिल ख़ारिज बैनामा ऑनलाइन फॉर्म भरे और सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे। आपको पसंद आयी हो तो इसे Like और Share जरूर करे ताकि जिन्हे इस के बारे में नही पता है वे भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सके,धन्यवाद!

Monitor क्या है और Monitor कितने प्रकार के होते है

हेलो दोस्तों आज मैं आपको बताने जा रहा हु की Monitor Kya Hai और मॉनिटर कितने प्रकार के होते है, Monitor हमें Computer के अंदर चल रहे कामों को दिखाता हैं। जब भी हम कोई काम करते हैं, तो हम लगातार उस काम को देखते रहते हैं कि वो काम सही से हो रहा है या नहीं। इसी तरह जब हम Computer पर काम करते हैं तब हमारा सारा काम CPU में चल रहा होता हैं। अब हम CPU के अंदर तो देख नहीं सकते, इसलिए हम Monitor का उपयोग करते हैं। Monitor, Computer का एक Part होता हैं, जिसमे Screen और Electronic Circuits होते हैं, जिसकी सहायता से हम देख पाते हैं कि Computer में क्या काम हो रहा हैं। तो क्या आप भी जानना चाहते है की Monitor Kaise Kaam Karta Hai.

Monitor क्या है ?

अगर CPU के साथ Monitor जुड़ा हुआ नहीं होगा तो आप यह नहीं देख पाएंगे की CPU में क्या काम चल रहा हैं। Monitor आपके किये हुए कामों की Softcopy को दिखाता हैं। पुराने समय में Computer Monitor में Cathode Ray Tube (CRT) का उपयोग होता था। जिसके कारण Monitor बहुत बड़ा और भारी होता था। लेकिन आज बहुत हल्के और पतले LCD Screen वाले Monitor का उपयोग होता हैं। Monitor को Screen या Visual Display Unit (VDU) भी कहते हैं। इससे हम Computer की Memory में रखे Videos और Images को भी देख पाते हैं। Computer में एक Video Card लगा होता है जो Computer की Graphical Information को Monitor तक पहुँचाता हैं। अगर हम Monitor Ki Definition की बात करें तो यह एक ऐसी Device है जो Computer में किसी चीज़ का लगातार Record देखने या जाँचने के लिए उपयोग की जाती हैं। यदि आपको नहीं पता की Monitor Konsa Device Hai तो हम आपको बता देते है की Monitor Electronic Device है।

Monitor किसने बनाया

सन 1929 में Zworykin नाम के एक व्यक्ति ने Cathode-ray Tube (CRT) का आविष्कार किया जिसे Kinescope कहा जाता हैं, जो Television के लिए बहुत जरूरी हैं। CRT की सहायता से हम Screen पर कोई Video देख पाते हैं। सन 1942 में America में दो व्यक्तियों ने मिलकर पहला Automatic Electronic Digital Computer बनाया जिसका नाम था atanasoff-berry Computer.

Monitor कितने प्रकार के होते है

समय के अनुसार Computer Monitor में भी बदलाव होते रहे हैं। हमने आपको नीचे Monitor Ke Prakar और Monitor Ki Visheshta के बारे में कुछ जानकारी बताई हैं:

  • CRT Monitor
  • LCD Monitor
  • TFT Monitor
  • PLASMA Monitor
  • LED Monitor

CRT मॉनिटर क्या है

CRT का मतलब Cathode Ray Tube हैं। LCD Monitor की तुलना में CRT Monitor, Size में बड़े और बहुत भारी होते हैं। इस कारण इन्हे ज्यादा जगह की जरूरत होती हैं और भारी होने के कारण इनको एक जगह से दूसरी जगह लाने और लेकर जाने में भी ज्यादा परेशानी होती हैं। 1970 के दशक के अंत में Computer Monitor में CRT का उपयोग शुरू हुआ था। तब लोगों के घरों में Computer का उपयोग नहीं हुआ करता था। उस समय ये Monitors सिर्फ Black & White Display के होते थे। फिर 1977 में Apple ने अपना Color Display वाला Monitors Apple-ii Launch किया। Color Display Apple-ii का Standard Feature था।

LCD मॉनिटर क्या है

LCD को बनाने के लिए Liquid Crystal का उपयोग होता हैं इसलिए इनको Liquid Crystal Display (LCD) कहते हैं। LCD Monitor, CRT Monitor की तुलना में Size में पतले और बहुत हल्के होते हैं। इस कारण इन्हे ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती हैं और वजन में हल्के होने की वजह से इनको एक से दूसरी जगह लाने और लेकर जाने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती हैं। LCD को बनाने के लिए बहुत सी Technology का उपयोग किया गया हैं। 1990 के दशक में, Laptop के Display के रूप में LCD Display का उपयोग होता था, क्योंकि LCD वजन में हल्की, Size में पतली और छोटी होती थी, जो कम बिजली का Use करती थी, लेकिन LCD Monitor, CRT Monitor से महंगे होते थे, इसलिए उस समय इनका उपयोग Desktop Monitor के रूप में नहीं होता था।

TFT मॉनिटर क्या है

यह LCD का ही एक रूप है जो आज-कल Computer के Monitors के लिए उपयोग की जाने वाली Main Technology हैं। यह LCD की तरह ही एक Flat Panel Display हैं। जो कि वजन में हल्का और Size में पतला होता हैं। यह LCD Display की तुलना में अच्छी Quality का Display हैं। TFT Display की वजह से Contrast Ratio में सुधार हुआ जिससे हमें और अच्छी Quality की Images और Videos देखने को मिलते हैं। यहाँ पर Tftका मतलब ‘thin Film Transistor’ हैं।

PLASMA मॉनिटर क्या है

Plasma Screen काँच की बनी होती हैं। इनको Plasma Display कहा जाता हैं क्योंकि ये बहुत छोटे Cells का उपयोग करते हैं, जिनमे ‘electrically Charged Ionized Gas’ भरी होती हैं। ऐसे Cells को ही Plasma कहा जाता हैं।

LCD Display की तुलना में Plasma Display के कुछ Advantages हैं:

  • Superior (बेहतर) Contrast Ratio
  • बढ़िया Viewing (देखने का) Angle
  • तेज़ Response (प्रतिक्रिया) Time
  • लेकिन सस्ते Lcd और Oled (ज्यादा महंगे लेकिन High Contrast वाले Display) के कारण Plasma Display को लोगों ने उतना पसंद नहीं किया और 2016 के आखिर तक इनको बनाना बंद कर दिया गया।

LED मॉनिटर क्या है

यह भी LCD की तरह एक Flat Panel Display हैं। Led Display किसी Image या Video को दिखाने के लिए Pixels के रूप में Light Emitting Diodes (LED) का उपयोग करता हैं। LED Display दूसरे Display की तुलना में ज्यादा Brightness वाले होते हैं जिसकी वजह से दिन की रौशनी में भी इस पर आसानी से पढ़ा या देखा जा सकता हैं। LED Monitor, LCD Monitor की तुलना में ज्यादा समय तक काम करते हैं, इसलिए आज के समय में LED Display का उपयोग ज्यादा हो रहा हैं। साथ ही LED चलने के लिए बहुत कम Power लेती हैं, और हमारी आँखों को ज्यादा Effect भी नहीं करती हैं।

Conclusion

तो अब आपको Monitor Kya Hai और मॉनिटर कितने प्रकार के होते है पता चल गया होगा और सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे। आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे Like और Share जरूर करे ताकि जिन्हे इस के बारे में नही पता है वे भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सके,धन्यवाद! Must Watch Extra Tech World On Youtube .

Get Aadhaar Card Without OTP And Fingerprint बिना रजिस्टर मोबाइल नम्बर और फिंगरप्रिंट के आधार कैसे निकाले

दोस्तों अगर आपका आधार कार्ड खो गया है , या आपका आधार कार्ड आया ही नहीं है या आपका आधार कार्ड खराब हो गया और आपके आधार कार्ड में मोबाइल नम्बर भी रजिस्टर नहीं है और आप फिंगर प्रिंट से भी नहीं निकलवा सकते तो आज जो तरीका हम आपको बताने वाले है उस से आप अपना आधार कार्ड बिना OTP और बिना फिंगरप्रिंट के भी पा सकते हैं / निकाल सकते हैं |

घर बैठे आधार कार्ड निकालना सीखें बिना OTP और बिना फिंगरप्रिंट के –

  • अब आपके सामने डिटेल्स भरने के लिए पेज ओपन होगा जहां आपको अपना आधार नम्बर डालना है
  • अब आपको एक सिक्यूरिटी कोड इमेज दिखाई देगी जैसा उसमे लिखा है सेम आपको सामने दिए बॉक्स में लिख देना है |
  • अब आपको My Mobile is Not Registered आप्शन पे टिक कर देना है और कोई भी मोबाइल नम्बर डालना है जो उस वक्त आपके पास हो |
  • सब कुछ सही से जांच लें और send OTP पे क्लिक कर दें |
  • अब आपने जो मोबाइल नम्बर डाला होगा उसपे OTP जायेगा जिसको आपको ENTER OTP वाले आप्शन में डालना है |
  • TERM AND CONDITIONS पर टिक करना है |
  • अब आपको सबमिट बटन दबाना है |
  • अब आपको अपने आधार कार्ड की डिटेल्स दिखाई देंगी |
  • अब आपको मेक पेमेंट पे क्लिक करना है |
  • अब आपको अपने Debit/ Credit Card या Net Banking या UPI के द्वारा 50रु का भुगतान करना होगा |
  • पेमेंट सफल हो जाने के बाद आपके सामने ऐसा पेज आएगा |
  • अब आपको स्लिप डाउनलोड कर लेनी है |
  • अब आपको आपका आधार कार्ड 5 दिन में आपके घर पे मिल जायेगा |
  • अगर आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं तो भारतीय डाक द्वारा आपका आधार कार्ड भेजा जायेगा और अगर आपके एरिया में कुरियर सर्विस होगी तो उसके द्वारा आपको आपका आधार कार्ड भेज दिया जायेगा |

Aadhaar Reprint स्टेटस कैसे चेक करें ?

अगर आपका आधार कार्ड काफी समय हो जाने के बाद भी आपको नहीं मिलता है तो आप उसका स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं की वह कहाँ है ?

  • अब आपको SRN नम्बर डालना होगा (रीप्रिंट रिक्वेस्ट डालते वक़्त जो आपने रसीद प्रिंट की थी उसमें आपको SRN नम्बर मिल जायेगा )
  • फिर आपको आधार कार्ड नम्बर डालना है |
  • अब इमेज CAPTCHA वेरिफिकेशन करना है और चेक स्टेटस पे क्लिक करना है |

Conclusion

आज की पोस्ट में हमने सीखा कि कैसे आप बिना OTP और बिना फिंगरप्रिंट के भी पा सकते हैं / निकाल सकते हैं |अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करें और अधिक जानकारी के लिए हमारा youtube चैनल विजिट करें |

Speed Post कैसे करे और Speed Post कैसे Check करे!

हेलो दोस्तों आज मैं आपको बताने जा रहा हु की Speed Post कैसे करे और Speed Post कैसे Check करे! Speed Post के द्वारा आज भारत में कहीं पर भी अपनी Post को तेजी के साथ भेजा जा सकता है। पहले यह बहुत ही अलग प्रकार के होते थे और इसकी Service पहले Slow होती थी। लेकिन अब Speed Post के माध्यम से यह सेवा आपको बहुत ही Speed में मिलेगी। समय के साथ-साथ इसकी Service में भी अच्छा बदलाव आया है। Digital India को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब यह पहले की तरह Slow नहीं रही.

Speed Post क्या है ?

भारत में Speed Post Ki Suruat 1986 में हुई थी। इन 30 सालों में Indian Postal Service में बहुत सुधार हुआ है। यह भारतीय डाक विभाग स्पीड पोस्ट (India Postal Department) की Service है। जिसके द्वारा आप दुनिया में कही पर भी Post कर सकते हो। यह एक Registered Post की तरह ही Fast Service है। लेकिन क्या आपको पता है की अगर आप Speed Post करते है तो Speed Post Kitne Din Me Jata Hai सामान्य Post को Deliver होने में 7-8 दिन लग जाते है तो Speed Post Delivery Time 2-3 दिन का होता है। Speed Post करने पर आपको एक Tracking Number भी मिलता है। जिसके द्वारा आप इसे Track भी कर सकते है और स्पीड पोस्ट डिलीवरी टाइम की Detail भी मिल जाती है। स्पीड पोस्ट के द्वारा किसी भी सामान को भेज सकते है या प्राप्त कर सकते है। यह एक ऐसी Service है जिसमें आप कम मूल्य में अपना सामान भेज सकते है।

Speed Post के फायदे

Speed Post Ka Use करने पर आपको इससे फायदे मिलते है। तो जानते है आगे इन फ़ायदों के बारे में।

  • इसमें Booking की सुविधा भी पहले से उपलब्ध है आप Booking पहले से कर सकते है और Payment बाद में भी कर सकते है लेकिन Bill तैयार होने के 30 दिनों के अंदर आपको Payment करना होगा।
  • India में कुछ ऐसे Post Office भी है जो 24 घंटे सेवा प्रदान करते है। ऐसे Post Office, Industry Area में आते है तो Industry Area में आने वाले व्यक्ति 24 घंटे में कभी भी Speed Post कर सकते है।
  • बहुत से लोगों को Regular Speed Post करने की जरुरत होती है तो जो लोग Regular Speed Post करते है उन्हें इस पर Discount भी मिलता है।
  • जब आपका Speed Post पहुँच जाता है तो आपके Mobile Number पर Sms के द्वारा Inform कर दिया जाता है।
  • Speed Post का सबसे अच्छा लाभ है Cash On Delivery अब Speed Post करने पर Cash On Delivery भी कर सकते है।

Speed Post कैसे करे

क्या आप भी Speed Post करना चाहते है लेकिन आपको नहीं पता की Speed Post Kaise Hota Hai तो आगे आपको Speed Post Karne Ka Tarika बताया जा रहा है। इस जानकारी से आप Speed Post कर सकेंगे।

  • Speed Post करने के लिए आप अपनी Post या Parcel को एक लिफाफे में Pack करे। Government द्वारा जो Size निर्धारित की गई है उसी का इस्तेमाल करे।
  • फिर उस पर आपको अपना और जहाँ आप Post भेज रहे है उन दोनों ही Address को साफ़-साफ़ लिखे।
  • आप Address देने के साथ ही उस पर Speed Post ज़रुर लिखे और जिसे Post कर रहे है उनका Mobile Number भी लिख सकते है, ताकि कोई भी परेशानी हो तो Phone पर पता कर सके।
  • इसके बाद आपको Post Office जाकर Post Office के Counter पर अपना लिफाफा देना है। यहाँ आपके लिफाफे का वजन लिया जाएगा और वह कितनी दूर भेजना है उसके अनुसार आपसे Charge लिया जाएगा।
  • यदि आप Speed Post Check करना चाहते है तो जब भी आप किसी Item को Speed Post करने जाते है तब आपको वहां से एक Receipt मिलेगी। जिस पर स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग नंबर लिखा होता है। इस नंबर के द्वारा आप अपना Item Track कर सकते हो।
  • यदि कोई आपको कुछ Post करता है और अगर वो आपको उसका Tracking नंबर बता दे तो आप उससे अपने Item को Track कर सकते है। Speed Post Tracking Number 13 Number का होता है।

Speed Post को Track कैसे करे

क्या आपने Speed Post कर लिया है और अब आप Speed Post Track करना चाहते है की आपकी Speed Post कहाँ तक पहुंची है तो Speed Post Check Karne Ke Liye आगे बताई गई Steps को Follow करे।

  • स्पीड पोस्ट ट्रैक करने के लिए आपको Indian Postal Department की Website पर जाना होगा। यहाँ आपको Speed Post की Tracking की सुविधा मिलेगी।
  • इस Box में Consignment Number भरे।
  • अब इसके नीचे के Option में Captcha Code Enter करे और Search Button पर Click करे। इसके बाद आप अपने Speed Post को Track कर सकते है।

App के द्वारा Speed Post की Location कैसे पता करे

अगर आपके पास Android मोबाइल है तो आप App के द्वारा भी Speed Post Ki Location पता कर सकते है।

  •  सबसे पहले Mobile में Postinfo App को Download करे
  •  Download करने के बाद अब App को Install कर ले।
  • अब App को Open करे और Homepage पर जाए
  •  अब आपको Homepage पर Tracking का Option दिखेगा उस पर Click करे
  • अब आपको Track Consignment का Option दिखेगा इसमें सबसे पहले स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग नंबर मतलब Consignment Number भरना है
  • अब इसके बाद आपको Captcha Code Enter करना है और Search पर Click करना है। Search पर Click करने के बाद आपके सामने स्पीड पोस्ट की लोकेशन की पूरी Detail आ जाएगी, की यह कब Post किया गया है, कहाँ तक पहुंचा है।

Speed Post Ki Complaint कैसे करे

अगर आपको Speed Post को लेकर किसी तरह की कोई Complaint करनी है तो आपको आगे हम कुछ Guidelines बता रहे है जिसके द्वारा आप Complaint कर सकते है। आगे आपको बताया जा रहा है की आप किस तरह से और किस पते पर Complaint कर सकते है।

Name of the CircleAddress​E-mail ID, Telephone No. and Fax Number
Madhya PradeshBhopal – 462012[email protected] 0755-2550838 (Tel), 2556547 (Fax)
OrissaBhubaneswar – 751001.
[email protected] 0674-2392000 (Tel), 2394790 (Fax
Uttar Pradesh4, Hazratganj, Lucknow – 226001.[email protected] 0522-2622000 (Tel), 2616855 (Fax)
Punjab (For Punjab and Chandigarh)Sandesh Bhawan, Sector – 17/E, Chandigarh – 160017.[email protected] 0172-2706700 (Tel), 2721670 (Fax)
GujaratKhanpur, Ahmedabad – 380001.[email protected] 079-25505424 (Tel), 25505275 (Fax)
BiharPatna GPO Complex, Patna – 800001.[email protected]

Customer care center /Complaints: 0612-2230082, 2220207 (Tel), 2225011 (Fax)

Postal Life Insurance complaints: Toll free No.18003456107,0612-2236842
Haryana
107, The Mall Road, Ambala Cant. – 133001.
[email protected] 0171-2603100 (Tel), 2603736 (Fax)
Kerala (For Kerala and Lakshadweep)Thiruvananthapuram – 695033.[email protected] 0471-2308300 (Tel), 2306500 (Fax)
RajasthanSardar Patel Marg, Jaipur – 302007.[email protected] 0141-2372020 (Tel), 2366151 (Fax)

तो इस तरह आप इन पते पर Speed Post Complaint कर सकते है।

Conclusion

तो अब आपको Speed Post कैसे करे और Speed Post कैसे Check करे! पता चल गया होगा और सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे। आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे Like और Share जरूर करे ताकि जिन्हे इस के बारे में नही पता है वे भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सके,धन्यवाद!

UP BOARD SCRUTINY ONLINE FORM 2020 हाईस्कूल / इन्टरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाओं की सन्निरीक्षा (Scrutiny) के लिये ऑनलाइन आवेदन कैसे करें ?

दोस्तों आज की पोस्ट में हम आपको बताएँगे अगर आप हाईस्कूल और इन्टर मीडिएट की परीक्षा दिए थे और आप अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है और आप दोबारा से सब्जेक्ट की परीक्षा देना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरना है ? तो चलिए शुरू करते हैं –

हाईस्कूल / इन्टरमीडिएटकी उत्तरपुस्तिकाओं की सन्निरीक्षा (Scrutiny) के लिये ऑनलाइन आवेदन

  • सबसे पहले UP BOARD की ऑफिसियल वेबसाइट पे जाएँ |
  • होम पेज पे आपको ऑनलाइन करने का लिंक दिखाई देगा उसपे क्लिक करें –
  • क्लिक करते ही आप अगले पेज पे चले जायेंगे |
  • अब आपको ट्रेजरी चालान फॉर्म को निकाल लेना है जिस से फीस जमा करोगे और ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अपलोड करोगे |
  • ऑनलाइन फॉर्म के दो आप्शन आपको दिखाई देंगे – 1. हाईस्कूल के लिए 2. इन्टर मीडिएट के लिए
  • आप जिस भी कक्षा से सम्बन्ध रखते हैं उसपे क्लिक करें |
  • क्लिक करते ही आपको ऐसा पेज दिखाई देगा –
  • अब आपको अपना रोल नंबर और जन्म तिथि डालनी है और गेट डेटा पे क्लिक करना है |
  • अब आपको सब्जेक्ट दिखाई देंगे और डिटेल्स फिल करें |
  • 6 थ्योरी के और 6 प्रैक्टिकल के लिए सब्जेक्ट दिखाई देंगे |
  • 1 कैटेगिरी का शुल्क 500रु देना होगा |
  • मतलब अगर आप 1 थ्योरी सब्जेक्ट चुनते हैं तो 500रु देने होंगे और आपको प्रैक्टिकल भी चुनना है तो उसका भी 500रु देना होगा |
  • अब आपको फीस जमा करनी है और उसकी डिटेल्स भी फॉर्म में डालनी है |
  • और चालान को स्कैन करके अपलोड करना है |
  • चालान भेजने का को पता है उसे जरूर नोट कर ले |
  • अब आपको सेव एप्लीकेशन पे क्लिक करना है |
  • जो फाइनल प्रिंट निकले उसकी दो कॉपी प्रिंट करनी है |
  • अब फॉर्म और चालान दोनों को एक लिफाफे में डालकर UP BOARD को भेज देना है |

UP BOARD SCRUTINY फॉर्म के लिए चालान कैसे भरें ?

चालान फॉर्म डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें |

  • चालान फॉर्म को प्रिंट करके आपको अपने विद्यालय के कोषागार या प्रधानाचार्य कक्ष में जाना होगा |
  • चालान विद्यालय द्वारा भरा जायेगा और फिर आप जिस भी बैंक में फीस जमा करना चाहते हैं वहां जाना होगा |
  • फीस जमा करते ही आपको चालन / ट्रांजेकशन संख्या , जमा करने की तिथि और जानकारियां भी मिलेंगी |
  • जो कि आपको ऑनलाइन फॉर्म भरते समय काम आएँगी |


Conclusion-

इस पोस्ट में हमने जाना कि कैसे आपको अपना हाईस्कूल / इन्टरमीडिएटकी उत्तरपुस्तिकाओं की सन्निरीक्षा फॉर्म कैसे भरना है | अधिक जानकारी हेतु विडियो देखें और अपने विद्यालय से सम्पर्क जरूर करें |

Mobile Se Aadhaar Card Kaise Download Kare / मोबाइल से आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करे

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हेलो दोस्तों आज मैं आपको इस पोस्ट में बताने जा रहा हु की मोबाइल से आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करे तो अब आप अपने मोबाइल फ़ोन के जरिए अपना या किसी भी व्यक्ति का आधार डाउनलोड कर सकते है. How to Download Aadhar Card on Mobile. आधार कार्ड के बारे में तो आपने जरुर सुना होगा. भारत सरकार के द्वारा जारी किया जाने वाला एक ऐसा कार्ड जिसके जरिए हम इंडिया में कहीं पर भी अपना पहचान दिखा और बता सकते है. ऐसे में हमें और आपको अपने आधार कार्ड को संभाल कर रखने की जरुरत होती है लेकिन कई बार ऐसा होता है, की हम आपना आधार कार्ड खो देते है या कही गिरा देते है और फिर हम परेशान हो जाते है उसे ढूंढने के लिए.

आधार कार्ड को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए कुछ चीजो की आवश्यकता होती है

आधार कार्ड को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित चीजे आपके पास होनी चाहिए.

  • आधार कार्ड नंबर या
  • एनरोलमेंट पर्ची या रेसविंग या
  • आधार की वर्चुअल आईडी नंबर और
  • आपका मोबाइल नंबर जो आपने अपना आधार कार्ड बनवाते वक्त दिया था.

मोबाइल नंबर की जरुरत OTP के लिए होती है, जब आप अपना आधार डाउनलोड करेंगे तो आपके मोबाइल पर एक OTP जायेगा. जिसको डालने के बाद ही आप अपना आधार कार्ड अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर पाएंगे.

आधार कार्ड को अपने मोबाइल फ़ोन में डाउनलोड करे

आधार कार्ड को अपने मोबाइल फ़ोन में डाउनलोड कर के रखने के लिए आपको निचे दिए गए Steps Follow करना है.

  • सबसे पहले आपको गूगल में Search करना है UIDAI उसके बाद सबसे ऊपर वाला लिंक पर क्लिक करके उसे Open करना है.
  • उसके बाद आपको निचे Scroll करना है और Get aadhar सेक्शन में आपको Download Aadhar पर क्लिक करना है.
Get aadhar on mobile phone Nirajforhelp.com
  • Click करते है आपके सामने कुछ ऐसा इंटरफ़ेस आएगा जिसमे आप अपने आधार कार्ड का नंबर, एनरोल मेंट आईडी और तारीख साथ ही साथी अपने वर्चुअल आईडी के जरिए आप अपने आधार को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकते है.
download aadhar card on phone by aadhar number nirajforhelp.com
  • आपके पास जो भी ऑप्शन उपलब्ध हो उसके लिए आप उसका नंबर डालिए. और निचे कैप्चा भरिये. कैप्चा यानि जो भी image साइड में दिखा रहा हो उसमे लिखे हुए अक्षर आपको टाइप करने है.
captcha verification for download aadhar on mobile phone
  • आगे आपको निचे Send OTP पर क्लिक करना है.
  • Click करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक मेसेज जायेगा जिसमे एक OTP होगा.
OTP for download aadhar card on mobile phone
  • आगे आपको OTP डालकर निचे कुछ 7 या 8 सवालो के जवाब देने है. आप सभी में सबसे पहले वाले आप्शन पर क्लिक कीजिये या आप जो चाहे उसका जवाब दे सकते है.
  • सभी सवालो के जवाब देने के बाद निचे Verifiy and Download पर क्लिक करना है.
Verifye & Download aadhar card on mobile nirajforhelp
  • Verifye and Downolad पर क्लिक करते ही आपके फ़ोन में आपका आधार कार्ड डाउनलोड होना सुरु हो जायेगा जिसे आप ऊपर के नोटिफिकेशन बार में देख पाएंगे.

मोबाइल में Download आधार कार्ड को Open कैसे करे ?

  • आधार कार्ड Download होने के बाद आपको इसे Open करना होगा.
आधार मोबाइल में डाउनलोड हो गया ओपन कैसे करे
  • Open करते वक्त यह आपसे Password मांगेगा. Password में आपको जिस व्यक्ति का आधार कार्ड आपने Download किया है उसके नाम का पहले चार अक्षर अंग्रेजी के बड़े लैटर में डालना है और उसके बाद जन्म तिथि के वर्ष को डालना है.
  •  Password लिखने बाद आपको Ok या सही के निशान पर जो आपके फ़ोन के Keyboard में है उसपर क्लिक करना होगा.
Finaly aadhar card has been downloaded on my mobile
  • Click करते ही आपके फ़ोन में यदि PDF रीडर होगा तो आपका आधार कार्ड आपके सामने खुल जायेगा आप इसका स्क्रीनशॉट ले लीजिये और अपने फ़ोन में save कर लीजिये

Conclusion

तो अब आपको मोबाइल से आधार कार्ड कैसे डाउनलोड करे पता चल गया होगा और सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे। आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे Like और Share जरूर करे ताकि जिन्हे इस के बारे में नही पता है वे भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सके,धन्यवाद!

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  • NEW SMS पे क्लिक करो |
  • अब आपको 10TH (हाईस्कूल) के लिए UP10 <ROLL NUMBER > और 12वीं के लिए UP12 <ROLL NUMBER >लिखना है |
  • अब आपको SMS को 5676750 पे भेजना है |
  • तुरंत आपको रिजल्ट भेज दिया जायेगा

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